ॐ जय कश्यप नंदन, प्रभु जय कश्यप नंदन।
त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चंदन॥
ॐ जय कश्यप नंदन...
सप्त अश्व रथ राजत, श्वेताम्बर धारी।
चक्र गदा अरु शंख, पद्म कर धारी॥
ॐ जय कश्यप नंदन...
तुम हो जगत के कर्ता, तुम ही हो भर्ता।
दीन दुखी के हर्ता, कष्ट निवारण कर्ता॥
ॐ जय कख्श्यप नंदन...
उषा काल में आकर, जग को जगाते।
अंधकार सब हर कर, जीवन फैलाते॥
ॐ जय कश्यप नंदन...
नमो नमो सूर्याय, सहस्रकिरणाय।
नमो नमो आदित्याय, ॐ नमो शिवाय॥
ॐ जय कश्यप नंदन, प्रभु जय कश्यप नंदन।
त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चंदन॥