भजन संग्रह
भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ने वाले भजन
भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ने वाले भजन
"जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दो नैना, चंद्रवदन नीको॥ कनक ..."
"मैया मैं नहीं माखन खायो। भोर भयो गैयन के पीछे, मधुबन मोहि पठायो॥ ग्वाल बाल सब बैठि के मिलकर, सकल मिष्टान खायो। मुझसे कहत चोरी तू कीन्हीं, यह बात कहाँ ..."
"गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया। एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी॥ गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया। विघ्न हर्ता मंगल कर्ता, जय जय गिरिजा किशोर॥ म..."
"हे माँ दुर्गे सरणागत हूँ, तेरी शरण में आया हूँ। जग जननी जग पालनी, तुझसे ही सब पाया हूँ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली, सरस्वती भवानी। महालक्ष्मी का रूप है ..."
"शिव शंकर भोले नाथ, हरे कृष्ण हरे राम। जय बोलो भोले नाथ की, जय बोलो गुरु राम॥ गंगा जटा में बहती है, चंद्रमा सिर शोभे। डमरू की आवाज से, सारा जग मोह लेते..."
"श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणम्। नवकंज लोचन, कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणम्॥ कंदर्प अगणित अमित छवि, नवनील नीरद सुन्दरम्। पट पीत मानहु तड़ि..."
"मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई। जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई॥ तात मात भ्रात बंधु, आपनो न कोई। छाड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई॥ संतन ढिग बैठि..."
"मन लागो मेरो यार फकीरी में। जो सुख पायो राम भजन में, सो सुख नाहिं अमीरी में॥ भला बुरा सब का सुन लीजै, कर गुजरान गरीबी में। प्रेम नगर में रहनी हमारी, भ..."
"ॐ साईं नमो नमः, श्री साईं नमो नमः। जय जय साईं नमो नमः, सद्गुरु साईं नमो नमः॥ अनंतकोटि ब्रह्मांड नायक, राजाधिराज योगीराज। परब्रह्म श्री सच्चिदानंद, सद्..."
"या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु स..."
"जय जय जय हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥ जो शत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥ जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ तुल..."
"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। धनवंतरये अमृतकलशहस्ताय, सर्वामयविनाशाय त्रैलोक्यनाथाय, श्री महाविष्णवे नमः॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय ..."
"अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते। गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते॥ भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बि..."
"ॐ जय कश्यप नंदन, प्रभु जय कश्यप नंदन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चंदन॥ ॐ जय कश्यप नंदन... सप्त अश्व रथ राजत, श्वेताम्बर धारी। चक्र गदा अरु शंख, ..."
"वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड पराई जाणे रे। पर दुःखे उपकार करे तोये, मन अभिमान न आणे रे॥ सकळ लोकमां सहुने वंदे, निंदा न करे केनी रे। वाच काछ मन निश्..."
"दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार। बल बुद्धि बिद्या दे..."
"श्याम तेरी बांसुरी पागल कर जाती है। तेरे दर्शन बिना मेरा जीवन व्यर्थ है॥ खाटू धाम में बसे मेरे बाबा श्याम। तेरी लीला अपरम्पार है, तू ही सबका धाम॥ श्या..."
"म्हाने खाटू रा सेठ श्याम थारी याद आवे। थारे दर्शन बिना बाबा, म्हारो जीवन सूनो लागे॥ खाटू में बसे म्हारे बाबा श्याम। नीले घोड़े पर सवार, करे सबका काम॥ ..."
"खाटू नरेश हमारा प्यारा श्याम। दाता शरण में तेरे आया, कर दो पूरे सब काम॥ नीला नीला अम्बर धारे, नीले घोड़े असवार। सिर पर नीला झंडा लहराये, खाटू वाला दरब..."