Sacred Aartis
Divine aartis for worship and devotion
Divine aartis for worship and devotion
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"जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ ॐ जय अम्बे गौरी... मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दो नैना..."
"ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे... जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का। स..."
"आरती कुंज बिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुंडल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। गगन सम अंग..."
"जय गणेश जय गणेश देवा, माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी॥ जय गणेश जय गणेश देवा... पान चढ़..."
"ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा... एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन स..."
"आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांपे॥ आरती कीजै... अंजनी पुत्र महा बलदाई। संतन के प..."
"ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्र..."
"ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ ॐ जय सरस्वती माता... चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी। सोहे शुभ..."
"ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गंगे माता... चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी..."
"अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी। दानव..."
"ॐ जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता॥ ॐ जय सन्तोषी माता... सुन्दर चीर सुनहरी, माँ धारण कीन्हों। हीरा पन्ना दम..."
"जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय जय श्री शनिदेव... श्याम अंग वक्र दृष्टि चतुर्भुजा धारी। नीलाम्बर धार नाथ गज की अस..."
"ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा... रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छबि राजै। नारद करत निराजन..."
"आरती श्री रामायण जी की। कीरति कलित ललित सिय पी की॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद। बालमीक बिग्यान बिसारद॥ आरती श्री रामायण जी की... शुक सनकादि शेष अरु श..."
"श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्। नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुख कर कञ्ज पद कञ्जारुणम्॥ कन्दर्प अगणित अमित छबि नव नील नीरद सुन्दरम्। पट पीत मानहु त..."
"आरती श्री गायत्री जी की, माता जी की। आरती श्री गायत्री जी की॥ ॐ भूर्भुवः स्वः, तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि, धियो यो नः प्रचोदयात्॥ ब्रह्मव..."
"आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपै, रोग दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महा बलदाई, संतन के प्रभु सदा सहाई॥ ..."
"ॐ जय श्री श्याम हरे, ॐ जय श्री श्याम हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ श्री बर्बरीक बाबा, खाटू धाम निवासी। नीले घोड़े असवार..."
"ॐ जय खाटू वाले, ॐ जय खाटू वाले। सुख सागर सुखदाता, भक्त वत्सल दयाले॥ नील घोड़े चढ़े, नीला ध्वज लहराये। तीन बाण हाथों में, दरबार सजाये॥ ॐ जय खाटू वाले॥..."