ॐ जय श्री श्याम हरे, ॐ जय श्री श्याम हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥
श्री बर्बरीक बाबा, खाटू धाम निवासी।
नीले घोड़े असवार, कृपालु अविनाशी॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
तीन बाण धारी बाबा, महावीर बलवान।
कृष्ण के पौत्र प्यारे, दाता भगवान॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
शीश दान दिया बाबा, कुरुक्षेत्र के मैदान।
कृष्ण ने वरदान दिया, मिला अमर सम्मान॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
कलियुग में प्रगटे, श्याम नाम से जाने।
खाटू में दरबार सजा, भक्त दूर से आये॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
नीला झंडा फहराये, दरबार सजाये।
जो भी आये दर पे, खाली हाथ न जाये॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
फाल्गुन में मेला लगे, एकादशी महान।
लाखों भक्त आवें बाबा, पावें दरश धाम॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
श्याम बाबा की आरती, जो नर गावे।
सुख-संपत्ति घर आवे, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे, ॐ जय श्री श्याम हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥