ॐ जय खाटू वाले, ॐ जय खाटू वाले।
सुख सागर सुखदाता, भक्त वत्सल दयाले॥
नील घोड़े चढ़े, नीला ध्वज लहराये।
तीन बाण हाथों में, दरबार सजाये॥
ॐ जय खाटू वाले॥
बर्बरीक वीर तुम, कृष्ण के पौत्र।
युद्ध भूमि में दिया, शीश का दान॥
ॐ जय खाटू वाले॥
श्याम नाम से विख्यात, राजस्थान में बसे।
सीकर के खाटू में, मंदिर अति सुंदर॥
ॐ जय खाटू वाले॥
भक्तों की मनोकामना, करते सदा पूर्ण।
जो भी भक्त आये, लौटे न निराश॥
ॐ जय खाटू वाले॥
फाल्गुन शुक्ल एकादशी, लगे मेला महान।
लाखों की भीड़ उमड़े, पावें सुख धाम॥
ॐ जय खाटू वाले॥
सर्दी गर्मी बरसात, सदा दरबार खुला।
भक्तों का उत्सव, रोज यहां मनाया॥
ॐ जय खाटू वाले॥
श्याम बाबा की महिमा, अपार बखान।
जो भी शरण आये, पावे कल्याण॥
ॐ जय खाटू वाले॥
ॐ जय खाटू वाले, ॐ जय खाटू वाले।
सुख सागर सुखदाता, भक्त वत्सल दयाले॥